मोदी और शाह हिटलर बन कर लोकतंत्र को खत्म कर रहे हैं।

मोदी और शाह हिटलर बन कर लोकतंत्र को खत्म कर रहे हैं।

आम आदमी पार्टी ने चंडीगढ़ के संयोजक प्रेम गर्ग ने अपनी पार्टी के 20 विधायकों की सदस्यता को अयोग्य करार दिए जाने के मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। गर्ग ने आगे कहा कि जब माननीय दिल्ली हाईकोर्ट तक आदेश दे चुका है कि आप के 20 विधायक लाभ के पद पर है ही

आम आदमी पार्टी ने चंडीगढ़ के संयोजक प्रेम गर्ग ने अपनी पार्टी के 20 विधायकों की सदस्यता को अयोग्य करार दिए जाने के मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। गर्ग ने आगे कहा कि जब माननीय दिल्ली हाईकोर्ट तक आदेश दे चुका है कि आप के 20 विधायक लाभ के पद पर है ही नहीं तो लाभ के पद को आधार मान कर चुनाव आयोग उन्हें अयोग्य कैसे घोषित कर सकता है और चुनाव आयोग के सामने 20 आप विधायकों की सुनवाई हुई ही नहीं। उन्हें तो अपनी बात रखने का अवसर तक नहीं दिया गया।
गर्ग ने कहा है कि चुनाव आयोग धृतराष्ट्र बन महज मोदी के इशारों पर ही सब काम कर रहा है। उसे हरियाणा के 4 संसदीय सचिव और मंत्री का दर्जा पाए तथा पंचकूला के विधायक ज्ञानचंद गुप्ता कतई नजर नहीं आ रहे,जोकि लंबे समय तक लाभ के पद पर तब तक विराजमान रहे थे, जब तक कि उन्हें उनकी सदस्यता रद्द करने का निर्देश नहीं मिला था। इस लिए उनकी सदस्यता रद्द किए जाने की सिफारिश चुनाव आयोग ने नहीं की। उन्हें तो उनके इन पदों से उच्च न्यायालय ने हटाया था।
यहां जारी एक ब्यान में सीए प्रेम गर्ग ने कहा कि लाभ के पद यानि ऑफिस ऑफ प्रॉफिट के आधार पर माननीय पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा हटाये गये हरियाणा के संसदीय सचिवों के मामले में चुनाव आयोग ने दोहरा मापदंड अपनाया है। इसी प्रकार पंचकूला के विधायक ज्ञानचंद गुप्ता भी मंत्री का दर्जा पाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि आप ने इन सभी विधायकों के खिलाफ शिकायत भेज कर चुनाव आयोग से इनकी विधानसभा सदस्यता रदद किए जाने की मांग उनकी पार्टी ने की थी और इनसे वो सारे पैसे वसूल किये जाने की मांग की थी, जो इन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान खर्च किये। गर्ग ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी यह मांग कर चुकी थी कि इन विधायकों से जनता के टैक्स का वो पैसा वसूल किया जाये जो इन्होंने अपनी सुख सुविधाओं पर खर्च किये जैसे सिक्यूरिटी,घर-गाड़ी-बंगला आदि। जबकि दिल्ली के 20 संसदीय सचिवो के पास इनमे से कोई भी सुख सुविधा नहीं थी। मगर चुनाव आयोग ने इस ओर कोई भी ध्यान नहीं दिया तथा इस तरह की कोई कारवाई नहीं की,मगर दिल्ली के 20 विधायकों की सदस्यता रद्द करने के लिए चुनाव आयोग ने झट से सिफारिश कर दी,क्योंकि उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से इसके लिए इशारा था। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मोदी से आज तक दिल्ली विधान सभा चुनावों में पार्टी की हुई करारी हार बर्दाश्त नहीं हो पा रही है। इसी लिए वे बहाने से केजरीवाल की सरकार गिराना चाहते हैं। मोदी और शाह हिटलर बन कर लोकतंत्र को खत्म कर रहे हैं।
सीए प्रेम गर्ग,
संयोजक,
आप चंडीगढ़।

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